ओजोन क्षरण के प्रभाव | effects of ozone depletion

इनमें त्वचा कैंसर की दर त्वचा में झुर्रियाँ और जल्द बुढापा आने की दर बढ़ सकती है।

ओजोन क्षरण के प्रभाव | effects of ozone depletion

खाद्य श्रृंखला–

समुद्र की सतह के काफी नीचे तक पराबैगनी विकिरण पहुँचने के कारण सूक्ष्म जलीय वनस्पतियों की वृद्धि अवरुद्ध हो सकती है। ये छोटी-छोटी बहती वनस्पतियाँ समुद्री खाद्य श्रृंखला और खाद्य-जाल का आधार हैं और वायुमण्डल की कार्बन डाई ऑक्साइड को कम करने में मदद करती है।

मनुष्य और पशु–

इनमें त्वचा कैंसर की दर त्वचा में झुर्रियाँ और जल्द बुढापा आने की दर बढ़ सकती है। साथ ही मोतियाबिन्द एवं आँखों की अन्य बीमारियों में वृद्धि हो सकती है। मनुष्यों में बीमारी से लड़ने की क्षमता भी कम होगी।

पदार्थ–

पराबैंगनी विकिरण में वृद्धि के कारण रंगों और वस्त्रों को नुक्सान पहुँचता है। इससे वे जल्दी फीके पड़ जाते हैं। प्लास्टिक पाइप इत्यादि सूर्य के प्रकाश में जल्दी नष्ट होते हैं।

ओजोन को नुकसान पहुँचाने वाले पदार्थ

ओजोन अणुओं को नष्ट करने वाले पदार्थ ओजोन को नुकसान पहुँचाते हैं। ये सभी मानव जनित हैं।

पेड़-पौधे–

बड़े हुए पराबैगनी विकिरण के कारण पत्तियों के आकार में कमी और पेड़ों के अंकुरण में अधिक समय लग सकता है। इससे मक्का, चावल, सोयाबीन, मटर तथा गेहूँ की उपज में कमी आ सकती है।

हैलोन–

इनकी रचना सीएफसी के समान होती है किन्तु इनमें क्लोरीन के स्थान पर ब्रोमीन के परमाणु होते हैं। ये ओजान के लिए सीएफसी से भी अधिक हानिकारक होते हैं। इनका उपयोग अग्निशामक एजेण्ट के रूप में होता है। ब्रोमीन का एक परमाणु क्लोरीन के अणुओं को नष्ट करता है। परमाणु की तुलना में ओज़ोन के कई सौ गुना अधिक अणुओं को नष्ट करता है।

सी.एफ.सी (क्लोरो फ्लोरो कार्बन)

एक ग्रीन हाऊस गैस के रूप में हम सी. एफ. सी. के बारे में पहले ही पढ़ चुके हैं। यह ओजोन को क्षरण करने वाला पदार्थ है। सी. एफ.सी एक शक्तिशाली ओजोन नाशक पदार्थ है। पृथ्वी पर मानवीय गतिविधियों से बनने के बाद ये धीरे-धीरे स्ट्रेटोस्फियर में पहुँचते हैं जहाँ पराबैंगनी विकिरण के उच्च प्रभाव से विखंडित होकर क्लोरीन परमाणु मुक्त होकर वायुमण्डल में मिल जाते हैं। ये ओजोन (O) अणुओं को तेज़ी से ऑक्सीजन अणु (O) और ऑक्सीजन परमाणु (O) में विघटित करते हैं। एक सी. एफ. सी. अणु उत्प्रेरक श्रृंखला-क्रियाओं द्वारा 1 लाख ओजोन अणुओं को विखंडित कर सकता हैं।

हर बार पॉलिस्ट्रीन का एक कप फेंकने पर हम स्ट्रेटोस्फियर में एक बिलियन सीएफसी के अणु जोड़ रहे होते हैं। ये ओजोन के 100 ट्रिलियन अणुओं को नष्ट कर सकते हैं। सीएफसी ओजोन की परत को साधे नष्ट न करके ऊपरी वायुमण्डल में क्लोरीन के वाहक के रूप में काम करती है।

कार्बन टेट्राक्लोराइड (CCI4)–

इनका उपयोग कपड़े और धातुओं की सफाई तथा टाइप या लिखे अक्षरों को ढँकने के लिए इस्तेमाल होने वाले सफेद द्रव के एक घटक के रूप में, चिपकाने वाले स्प्रे, ड्राईक्लीनिंग स्प्रे, अग्निशामक आदि में किया जाता है। ये भी ओज़ोन को हानि पहुँचाने वाला पदार्थ है।

आशा है, उपरोक्त जानकारी परीक्षार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं परीक्षापयोगी होगी।
धन्यवाद।
B B Patle
edubirbal.com

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