1. हीरा– (1) आभूषण-निर्माण में
(2) काँच काटने में।
2.वाटर गैस (CO+H2)– (1) ईधन के रुप में
(2) वेल्डिंग के कार्य में।
3. कार्बन डाइऑक्साइड(CO2)– (1) सोडा वाटर में
(2) आग बुझाने में
(3) हार्ड स्टील के निर्माण में
4. ग्रेफाइट– (1) इलेक्ट्रोड बनाने मे
(2) स्टोव की रंगाई में
(3) लोहे के बने पदार्थ पर पालिश करने में
5. कार्बन मोनोक्साइड (CO)– COCI2 बनाने में।
6. कोल गैस– (1) ईंधन के रूप में
(2) निष्क्रिय वातावरण तैयार करने में।
7. प्रोड्यूसर गैस (CO+N2)– (1) भट्टी गर्म करने में
(2) सस्ते ईंधन के रूप में,
(3) धातु-निष्कर्षण में
8. फाॅस्फोरस (p)– (1) लाल फाॅस्फोरस, दियासलाई बनाने में
(2) श्वेत फाॅस्फोरस, चूहे मारने में
(3) श्वेत फाॅस्फोरस, दवा बनाने में
(4) फाॅस्फोरस ब्रांच बनाने में।
9. नाइट्रस ऑक्साइड (N2O)– (1) शल्य-चिकित्सा में।
10. अमोनिया (NH3)– (1) प्रतिकारक के रूप में
(2) आइस फैक्ट्री में
(3) रेयाॅन बनाने में
रसायन विज्ञान के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें।
1. रसायन विज्ञान की प्रमुख शाखाएँ, विभिन्न क्षेत्रों में योगदान और शोध व अध्ययन के संस्थान
2. रसायनज्ञ- डॉ. प्रफुल चंद राय, डॉ. हरगोविंद सिंह खुराना, लेवोजिए
11. सल्फर (S)– (1) कीटानाशक के रूप में
(2) रबर वल्केनाइज करने में
(3) बारूद बनाने में
(4) औषधि के रूप में
12. हाइड्रोजन सल्फाइड(H2S)– (1) सल्फाइड के निर्माण में
(2) लवणों के भास्मिक मूलकों के गुणात्मक विश्लेषण में।
13. सल्फर डाइऑक्साइड (SO2)– (1) अवकारक के रूप में
(2) ऑक्सीजन रूप में
(3) विरंजक के रूप में
14. सल्फ्यूरिक अम्ल(H2SO4)– (1) प्रयोगशाला में प्रतिकारक के रूप में
(2) रंग-उत्पादन में
(3) पेट्रोलियम की शुद्धिकरण में
(4) स्टोरेज बैटरी में
15. क्लोरीन (Cl)– (1) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल HCL के निर्माण में
(2) मास्टर्ड गैस बनाने में,
(3) ब्लीचिंग पाउडर बनाने में
(4) कपड़ों एवं कागज को विरंजक करने में
16. फेरस ऑक्साइड– (1)हरा काँच बनाने में
(2) फेरस लवणों के निर्माण में।
17. फेरिक यौगिक ( Fe3O4)– (1) जेवरात पॉलिश करने में
(2) फेरिक लवणों के निर्माण में
18. फेरिक हाइड्रोक्साइड (Fe (OH)3)– (1) प्रयोगशाला में प्रतिकारक के रूप में
(2) दवा बनाने में
19. फेरस सल्फेट (FeSO4.7H2O)– (1) रंग उद्योग में
(2) मोहर लवण बनाने में
(3) स्याही बनाने में
20. आयोडीन– (1) कीटाणुनाशक के रूप में
(2) औषधियों के उत्पादन में
(3) टिंचर आयोडीन बनाने में
(4) रंग उद्योग में
21. ब्रोमीन का उपयोग (Br)– (1) रंग उद्योग
(2) टिंचर गैस बनाने में
(3) प्रतिकारक के रूप में
(4) औषधि बनाने में
22. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल(HCL)– (1) क्लोरीन बनाने में
(2) अम्लराज बनाने में
(3) रंग बनाने में
(4) क्लोराइड लवण के निर्माण में
23. कॉपर (Cu)– (1) बिजली का तार बनाने में
(2) बर्तन बनाने में
(3) ब्रास तथा ब्रांज बनाने में
24. सोडियम नाइट्राइट (NaNO3)– (1) N2 बनाने में
(2) प्रतिकारक के रूप में
25. सोडियम नाइट्रेट (NaNO2)– (1) खाद के रूप में
(2) KNO3, HNO3 के निर्माण में
भौतिकी विज्ञान के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें।
1. भौतिक राशियाँ और उनके मात्रक
2. प्रमुख भौतिक शास्त्री एवं उनका योगदान
3. न्यूटन के गति के नियम
26. सोडियम सल्फेट या ग्लाॅबर लवण (Na2SO4.10H2O)– (1)औषधि बनाने में
(2) सस्ता काँच बनाने में
27. सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO3)– (1) अग्निशामक यंत्र
(2) बेकरी उद्योग में
(3) प्रतिकारक के रूप में
28. सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3)– (1) ग्लास- निर्माण
(2) कागज उद्योग
(3) जल की स्थाई कठोरता हटाने में
(4) धुलाई के लिए घरों में धोवन सोडा के रूप में
29. हाइड्रोजन पराॅक्साइड (H2O2)– (1) ऑक्सीकरण के रूप में
(2) कीटनुनाशक के रूप में
(3) रेशम, चमडा, ऊन, वगैरह के विरंजन मे
(4) लेड के रंगों में
30. भारी जल (D2O)– (1) न्यूक्लिअर प्रतिक्रियाओं में
(2) ड्युरेटेड यौगिक के निर्माण में
31. हाइड्रोजन (H2)– (1) अमोनिया के उत्पादन में
(2) कार्बनिक योगिक के निर्माण में
32. द्रव हाइड्रोजन– (1) रॉकेट ईंधन के रूप में
33. सोडियम (Na)– (1) सोडियम पेराॅक्साइड बनाने में।
34. कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3)– (1) चूना बनाने में
(2) टूथपेस्ट बनाने में
35. कैल्शियम (Ca)– (1) अवकारक के रूप में
(2) पेट्रोलियम से सल्फर हटाने में
36. मैग्नीशियम क्लोराइड (MgCl2.6H2O)– (1) रुई की सजावट में
(2) सोरेल सीमेंट के रूप में व्यवहृत
37. मैग्नीशियम कार्बोनेट (MgCO3)– (1) दंतमंजन बनाने में
(2) दवा बनाने में
(3) जिप्सम लवण बनाने में
38. मैग्नीशियम (Mg)– (1) धातु-मिश्रण बनाने में
(2) फ्लैश बल्ब बनाने में
(3) थर्माइट वेल्डिंग बनाने में
39. मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO)– (1) औषधि- निर्माण में
(2) रबड़ पूरक के रूप में
(3) वायलरो के प्रयोग में
40. मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड (Mg(OH)3)–
(1) चीनी उद्योग में मौलसिस से चीनी तैयार करने में
41. कॉपर सल्फेट या नीला थोथा (CuSO4.5H2O)– (1) कीटाणुनाशक के रूप में,
(2) विद्युत सेलों में
(3) कॉपर के शुद्धिकरण में
(4) रंग बनाने में
42. क्यूप्रिक क्लोराइड (CuCl2.2H2O)–
(1) ऑक्सीकरण के रूप में
(2) जल-शुद्धिकरण में
(3) धागों की रंगाई में
43. क्यूप्रिक आॅक्साइड (CuO)– (1) ब्लू तथा ग्रीन ग्लास निर्माण में
(2) पेट्रोलियम के शुद्धिकरण में
44. क्यूप्रस ऑक्साइड (Cu2O)– (1) लाल ग्लास के निर्माण में
(2) पेस्टिसाइड के रूप में
इन 👇परीक्षापयोगी प्रकरणों के बारे में भी जानें।
1. जांतव रेशे
2. प्राणियों में पोषण- पाचन तंत्र
3. पादपों में पोषण- प्रकाश संश्लेषण
4. विज्ञान की शाखाएँ-जीवधारियों का नामकरण व वर्गीकरण
5. पारिस्थितिकी तंत्र जैविक एवं अजैविक घटक
45. जिंक सल्फाइड (ZnS)–(1) श्वेत पिगमैट के रूप में
46. जिंक सल्फेट या उजला थोथा (ZnSO4.7H2O)– (1) लिथेपोन के निर्माण में
(2) आँखों के लिए लोशन बनाने में
(3) कैलिको छपाई में
(4) चर्म उद्योग में
47. जिंक क्लोराइड (ZnCl2)– (1) टेक्सटाइल उद्योग में
(2) कार्बनिक संश्लेषण में
(3) ताम्र, काँच, आदि की सतहों को जोड़ने में
48. जिंक ऑक्साइड (ZnO)– (1) मलहम बनाने में
(2) पोरसेलिन में चमक लाने में
49. जिंक (Zn)– (1) बैटरी बनाने में
(2) हाइड्रोजन बनाने में
50. मरक्यूरिक ऑक्साइड (HgO)– (1) मलहम बनाने में
(2) जहर के रूप में
51. कैल्शियम कार्बाइक (CaC2)– (1) कैल्शियम साइनाइड एवं एसिटिलिन निर्माण में
52. ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl2)– (1) कीटाणुनाशक के रूप में
(2) कागज तथा कपड़ों के विरंजन में
(3) रासायनिक उद्योगों में उपचायक के रूप में
आशा है, यह जानकारी परीक्षा प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी एवं महत्त्वपूर्ण होगी।
धन्यवाद।
edubirbal
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