ऋतु परिवर्तन
season change
वर्ष की वह अवधि जिसमें मौसम सम्बन्धी दशाएँ लगभग समान होती है और जो पृथ्वी के अक्ष पर झुकाव और उसके द्वारा सूर्य की परिक्रमण करने के परिणाम स्वरूप बनती है उसे ऋतु कहते हैं। ऋतुओं का क्रम से बदलना ऋतु परिवर्तन कहलाता है। ऋतु परिवर्तन का मूल आधार ताप है। पृथ्वी को ताप सूर्य से प्राप्त होता है। सूर्य की परिक्रमा और अपने अक्ष पर 23½° झुकी होने के कारण पृथ्वी को मिलने वाली ताप की मात्रा बदलती रहती है। इससे पृथ्वी पर ऋतु परिवर्तन होता है। पृथ्वी का अक्ष सीधा न होकर झुका हुआ है, अर्थात् पृथ्वी का अक्ष अपने तल से 66% अंश का कोण बनाता है और पृथ्वी अपने अक्ष पर 23½ अंश झुकी है।
22 दिसम्बर की स्थिति
status of 22 December
सूर्य का परिक्रमण करते हुए पृथ्वी वर्ष में विभिन्न स्थितियों में होती है। पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती हुई जब 'अ' स्थान पर (22 दिसम्बर को स्थिति में) होती है, तब पृथ्वी पर दक्षिणी गोलार्द्ध पर सूर्य की सीधी किरणें पड़ती है जिसके कारण वहाँ ज़्यादा ताप प्राप्त होता है, ऐसी स्थिति में वहाँ ग्रीष्म ऋतु होती है। इसके विपरीत उत्तरी गोलार्द्ध में सूर्य की किरणें तिरछी पड़ती है जिससे वहाँ तापमान कम रहता है। उत्तरी गोलार्द्ध में शीत ऋतु होती है। हमारा देश उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है, इसलिए इस समय (दिसम्बर में) भारत में शीत ऋतु होती है।
21 जून की स्थिति
status of 21st June
सूर्य की परिक्रमा करते हुए जब पृथ्वी 21 जून को पृथ्वी का उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य की सीधी किरणों के सामने रहता है। इस कारण भारत सहित उत्तरी गोलार्द्ध में अधिक गर्मी होती है। इस प्रकार भारत में जून माह में ग्रीष्म ऋतु होती है। इसके ठीक विपरीत दक्षिणी गोलार्द्ध में सूर्य की तिरछी किरणें पड़ती हैं, जिससे दक्षिणी गोलार्द्ध में इस समय शीत ऋतु होती है।
23 सितम्बर और 21 मार्च की स्थिति
Status of 23 September and 21 March
पृथ्वी की 23 सितम्बर और 21 मार्च की स्थिति में सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध में जाते हुए 21 मार्च को और फिर लौटते हुए 23 सितम्बर को विषुवत वृत्त पर लम्बवत् चमकता है। इन दोनों स्थितियों में दोनों गोलार्द्ध में सूर्य की किरणें समान रूप से पड़ती है। परिणामस्वरूप 21 मार्च को उत्तरी गोलार्द्ध में बसन्त ऋतु एवं दक्षिणी गोलार्द्ध में शरद ऋतु होती है तथा 23 सितम्बर को उत्तरी गोलार्द्ध में शरद ऋतु व दक्षिण गोलार्द्ध में बसन्त ऋतु होती है। इस प्रकार पृथ्वी की परिक्रमण गति और पृथ्वी के अक्ष के 232° झुकाव के कारण ऋतु परिवर्तन होता है।
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