उपमा अलंकार

जब हम किसी वस्तु का वर्णन करते समय उससे अधिक प्रसिद्ध किसी वस्तु से उसकी तुलना करते हैं

उपमा अलंकार

धाए बिसाल कराल मर्कट भालु काल समान ते।

इस पंक्ति में भालू और वानरों को काल के समान बताया है। जब हम किसी वस्तु का वर्णन करते समय उससे अधिक प्रसिद्ध किसी वस्तु से उसकी तुलना करते हैं, तब उपमा अलंकार होता है। इसमें दो वस्तुओं की समता रूप, रंग तथा गुण में की जाती है, जैसे माधवी का मुख चन्द्रमा के समान सुंदर है।

उपमा अलंकार के चार अंग होते हैं उपमेय, उपमान, साधारण धर्म एवं वाचक।

उपमेय–
जिसकी तुलना की जा रही है। (जैसे-मुख)

उपमान–
जिससे तुलना की जा रही है। (जैसे चन्द्रमा)

साधारण धर्म–
वह गुण जिसकी बराबरी की गई है (जैसे-सुन्दर)

वाचक–
वह शब्द जिसके द्वारा समानता बताई गई (जैसे समान, सम)

उत्प्रेक्षा अलंकार–
जब उपमेय में भिन्नता जानते हुए भी उपमा की सम्भावना को जाती है उत्प्रेक्षा अलंकार होता है। मनु, मनहु, मानो, जनु, जान हु, जानो, निश्चय, मेरे जाने, इव, ये शब्द या इनके पर्याय उत्प्रेक्षा के 'वाचक' शब्द है। उदाहरण मानहुँ सपच्छ उड़ाहि भूधर वृंद नाना बान ते।

रूपक अलंकार–
जहाँ एक वस्तु (उपमेय) दूसरी वस्तु (उपमान) में दिखाई जाए वहाँ रूपक अलंकार होता है। उपमा में जहाँ समानता होती है वहीं रूपक में एकरूपता होती है। उदाहरण जय राम रावन मत गज मृगराज सुजसु बखानहीं। इसमें राको सिंह तथा रावण को मतवाला हाथी निरूपित किया गया है।

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7. अंग्रेजी वर्णमाला की सूक्ष्म जानकारी

आशा है, उपरोक्त जानकारी परीक्षार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं परीक्षापयोगी होगी।
धन्यवाद।
B B Patle
edubirbal.com

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