जनपदों और महाजनपदों का युग | Age of Janapadas and Mahajanapadas

जनपद का मतलब है 'मनुष्य के बसने का एक क्षेत्र।' इन जनपदों के नामकरण उनके स्थापना करने वाले जन या कुल पर थे।

जनपदों और महाजनपदों का युग | Age of Janapadas and Mahajanapadas

जनपद का मतलब है 'मनुष्य के बसने का एक क्षेत्र।' इन जनपदों के नामकरण उनके स्थापना करने वाले जन या कुल पर थे। महाभारत में अनेक जनपदों का उल्लेख है। भगवान बुद्ध के पूर्व सोलह महा जनपद अंग, मगध, काशी, कौशल, वज्जि, मत्स्य, शूरसेन, अश्मक, अवंति, चेदी, गंधार, कम्बोज आदि थे। अवंति महाजनपद के दो भाग थे। उत्तरभाग की राजधानी उज्जयिनी और दक्षिण भाग की राजधानी महिष्मती (मान्धाता)। चेदि आधुनिक बुंदेलखंड है इसकी राजधानी शक्तिमती थी।
बड़े एवं शक्तिशाली जनपदों को महाजनपद कहा जाता था। इनके अधीनस्थ कुछ छोटे जनपद होते थे।
आज के मध्यप्रदेश के क्षेत्र में अवंति एवं चेदि जनपद थे। उस समय के चार शक्तिशाली महाजनपदों में से एक जनपद 'अवंति' मध्यप्रदेश में था यहां का राजा चण्ड प्रद्योत था। उसकी बेटी वासवदत्ता थी जिसका विवाह काशी के राजा उदयन से हुआ था। आज भी " 'उदयन-वासवदत्ता' की कहानियां प्रचलित हैं।

इसी काल में बहुत से ऐसे राज्य थे जहाँ वंशगत राजा नहीं थे। इन राज्यों को गणसंघ कहा जाता था। गणसंघों में जनपदों व महाजनपदों की तरह राजा या सम्राट का पद वंशानुगत नहीं होता था। यहाँ राज्य के राजा को जनता चुनती थी जैसे कि आज हम अपनी सरकार चुनते हैं। इन गणसंघों में कुछ थे- मिथिला के 'वज्जि, कपिलवस्तु के शाक्य और पावा के मल्ल।
* जनपदों के नामकरण उनके संस्थापक जन या कुल के नाम पर किये गये थे।
* अधिकांश महाजनपद विन्ध्य के उत्तर में थे और पश्चिमोत्तर सीमा प्रान्त से बिहार तक फैले हुए थे।
* जनपदों एवं महाजनपदों में राजा का पद वंशानुगत होता था, जबकि गणसंघों में राजा को जनता चुनती थी।
विभिन्न जनपदों, महाजनपदों तथा गणसंघों के लोगों के बीच वैवाहिक संबंध थे। वैवाहिक संबंधों के बाद भी इन जनपदों, महाजनपदों व गणसंघों के बीच साम्राज्य विस्तार को लेकर युद्ध होते रहते थे। धीरे-धीरे सोलह महाजनपदों में से चार शक्तिशाली महाजनपद बने। ये थे- अवन्ति, मगध, कौशल तथा वत्स। अपनी शक्ति बढ़ाने और सीमाओं का विस्तार करने के लिये मगध सदैव युद्धरत रहा। परिणाम स्वरूप वह सभी जनपदों तथा महाजनपदों में सर्वशक्तिमान बन गया।

आशा है, उपरोक्त जानकारी परीक्षार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं परीक्षापयोगी होगी।
धन्यवाद।
B B Patle
edubirbal.com

संलग्न दस्तावेज़

फाइल का नाम: _Age of Janapadas and Mahajanapadas (600 BC to 400 BC).jpg

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