भारतीय जनसंख्या की विशेषताएं | Features of Indian Population.

हमारे देश की जनसंख्या में व्यावसायिक रूप से बड़ा असन्तुलन है।

भारतीय जनसंख्या की विशेषताएं | Features of Indian Population.

व्यवसायिक भिन्नता

occupational variation

हमारे देश की जनसंख्या में व्यावसायिक रूप से बड़ा असन्तुलन है। भारत की दो तिहाई जनसंख्या आज भी कृषि पर निर्भर है। जनसंख्या का 10 प्रतिशत भाग उद्योगों में लगा है। और शेष भाग सेवाओं में लगा हुआ है। इस प्रकार हमारी जनसंख्या का बहुत ही थोड़ा भाग अर्थव्यवस्था व्यवसाय क्षेत्र में काम करता है। व्यवसायों के द्वारा ही कच्चे माल से उपयोगी वस्तुएं बनाकर उसके मूल्य में अभिवृद्धि की जाती है। अतः जनसंख्या में व्यवसायिक भिन्नता है।

स्त्री-पुरुष अनुपात

Female-Male Ratio

कुल जनसंख्या में स्त्री पुरुष बीच के संख्यात्मक अनुपात को स्त्री-पुरुष अनुपात कहते हैं। इसे प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या के रूप में व्यक्त किया जाता है जैसे, भारत में स्त्री-पुरुष अनुपात 2001 की जनगणना के अनुसार 939 है अर्थात यहां प्रति 1000 पुरुषों में 939 महिलाएं है। स्पष्ट है कि पुरुषों की अपेक्षा स्त्रियों की संख्या कम है।

आयु संरचना

age structure

लोगों के विकास के विभिन्न पहलुओं के लिए योजनाएं बनाने में जनसंख्या का आयु के अनुसार वितरण बहुत सहायक होता है। जनसंख्या को निम्न तीन आयुवर्गों में विभाजित किया जाता है-
(1) 0-14 वर्ष
(2) 15-64 वर्ष
(3) 65 वर्ष से अधिक।
भारत की जनसंख्या का 34 प्रतिशत भाग युवा वर्ग में आता है। कार्यशील आयु वर्ग के लोगों का वर्ग भी काफी बड़ी है। अतः सरकार को युवा वर्ग के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाएँ जुटाने के लिए प्रयत्न करने पड़ते हैं।

साक्षरता स्तर

Literacy Level

किसी भी भाषा में साधारणतः संदेश को पढ़ना, लिखना और समझना ही साक्षरता है। स्वतंत्रता के समय जनसंख्या का केवल छठा भाग ही साक्षर था। वर्ष 2001 में 65 प्रतिशत जनसंख्या साक्षर है। देश में केरल सबसे अधिक साक्षरता वाला राज्य है। जबकि बिहार सबसे कम साक्षरता वाला राज्य है। मध्यप्रदेश का साक्षरता प्रतिशत 64.11 है। देश की जनसंख्या में स्त्री व पुरुषों के साक्षरता स्तर में भी अंतर है। देश में स्त्रियों की साक्षरता 54.26 प्रतिशत है यानि अभी भी देश की लगभग आधी महिलाएं अशिक्षित है जबकि लगभग तीन चौथाई पुरुष (75.85 प्रतिशत) साक्षर है। बिहार में तो मात्र 33.5 प्रतिशत महिलाएं ही साक्षर है। मध्यप्रदेश में महिला साक्षरता 50.28 प्रतिशत है।

ग्रामीण व नगरीय विभिन्नता

Rural and Urban Divergence

भारत गांवों का देश है यहां लगभग 5 लाख गांव है और कुल आबादी का तीन चौथाई भाग यानि 74.28 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में रहती है। 25.72 प्रतिशत जनसंख्या नगरों में बसती है जहाँ के अधिकतर व्यक्ति कृषि के अतिरिक्त सेवा कार्य, उद्योग, व्यापार, परिवहन आदि से जीविका चलाते है।

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