जल के विलक्षण गुण, वाष्पन एवं संघनन, विशिष्ट ऊष्मा एवं विलायक | Unique properties of water, evaporation and condensation, specific heat and solvent.

जल एक सार्वत्रिक विलायक है तथा इसमें विभिन्न गुण होते हैं, जिनमें से कुछ विलक्षण गुण इस प्रकार हैं।

जल के विलक्षण गुण, वाष्पन एवं संघनन, विशिष्ट ऊष्मा  एवं विलायक | Unique properties of water, evaporation and condensation, specific heat and solvent.

जल एक सार्वत्रिक विलायक है तथा इसमें विभिन्न गुण होते हैं, जिनमें से कुछ विलक्षण गुण इस प्रकार हैं।

बर्फ का घनत्व

density of snow

आपने देखा होगा कि शर्बत बनाते समय बर्फ के टुकड़े शर्बत में डालते हैं। बर्फ के टुकड़े ठोस होते हुए भी पानी पर तैरते हैं ऐसा क्यों होता है ?
सामान्यतः पदार्थ का ठोस रूप उसके द्रव रूप की तुलना में भारी होता है किन्तु पानी में इसके विपरीत होता है। बर्फ पानी से हल्की होती है इसी कारण पानी में बर्फ के टुकड़े तैरने लगते हैं। बर्फ का घनत्व पानी के घनत्व से कम है। किसी पदार्थ का घनत्व उसके द्रव्यमान को उसके आयतन से भाग देकर ज्ञात किया जाता है।
घनत्व = द्रव्यमान / आयतन
पानी जब बर्फ में बदलता है तो उसका आयतन बढ़ जाता है। पानी का घनत्व समान आयतन वाले बर्फ के घनत्व से अधिक होता है।

वाष्पन एवं संघनन

evaporation and condensation

कमरे के ताप पर किसी द्रव का सतह से वाष्प में बदलना वाष्पीकरण कहलाता है। यह हमारे दैनिक जीवन की सामान्य घटना है कि फर्श पर पानी गिर जाए और फैल जाए तो यह स्वतः धीरे-धीरे उड़ जाता है। वाष्पीकरण की क्रिया खुले पात्र में लगातार चलती रहती है। चाय की केतली में वाष्पीकरण की क्रिया गर्म करते रहने पर लगातार चलती रहती है। केतली से निकलने वाली भाप को ठंडा करने पर वह पुनः द्रव अवस्था में परिवर्तित होने लगती हैं। द्रव का ऊष्मीय ऊर्जा ग्रहण कर वाष्प में बदलना वाष्पन तथा वाष्प का ठंडी होकर द्रव अवस्था में परिवर्तित होना संघनन कहलाता है। चित्र 6.5 वाष्पन और संघनन की घटना एक दूसरे के विपरीत हैं। जल स्रोतों के वाष्प न से बादल बनते हैं तथा संघनन के कारण बादल पुन: वर्षा के रूप में परिवर्तित हो जाते हैं।

विशिष्ट ऊष्मा

specific heat

पानी की विशिष्ट ऊष्मा अधिक होती है, जिससे पानी देर से गर्म व देर से ठण्डा होता है। पानी की विशिष्ट ऊष्मा अधिक होने से कई लाभ हैं, जैसे-
(1) अत्यधिक ठण्डे प्रदेशों में पेय पदार्थ गुनगुने पानी में रखे जाते हैं।
(2) रोगियों के शरीर की सिकाई (गर्म करना) रबर की थैली में गर्म पानी भर कर की जाती है।
(3) गाड़ियों के इंजिन को ठण्डा रखने के लिए जल का उपयोग शीतलक के रूप में किया जाता है।

विलायक

solvent

जल में विलेय - गैस, द्रव, ठोस
गैस - कार्बन डाइऑक्साइड, ऑक्सीजन, सल्फर डाइऑक्साइड आदि।
द्रव - ग्लिसरीन, दूध, नींबू का रस, शहद, चासनी, फिनाइल आदि।
ठोस - शक्कर, नमक, यूरिया, फिटकरी, खाने का सोडा आदि।
वह विलायक जिसमें अधिकांश पदार्थ भूल जाते हैं उसे सार्वत्रिक विलायक कहते हैं। जल में अनेक पदार्थ घुलने से यह एक सार्वत्रिक विलायक कहलाता है।

आशा है, उपरोक्त जानकारी परीक्षार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं परीक्षापयोगी होगी।
धन्यवाद।
B B Patle
edubirbal.com

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