जल का शोधन, जल का संगठन एवं भौतिक गुण | Purification of water, organization and physical properties of water.

अशुद्ध जल में कई प्रकार के हानिकारक कीटाणु एवं अशुद्धियाँ जैसे मिट्टी, रेत, लवण आदि घुले रहते हैं।

जल का शोधन, जल का संगठन एवं भौतिक गुण | Purification of water, organization and physical properties of water.

जल का शोधन

Purification of water

आप जानते हैं पीने योग्य जल कैसा होता है, जो जल रंगहीन, गंधहीन एवं कीटाणु रहित हो वह जल पीने योग्य होता है। अशुद्ध जल में कई प्रकार के हानिकारक कीटाणु एवं अशुद्धियाँ जैसे मिट्टी, रेत, लवण आदि घुले रहते हैं। जल को हानिकारक सूक्ष्मजीवों से मुक्त करने के लिए पोटेशियम परमैंगनेट, क्लोरीन आदि से उपचारित किया जाता है जिससे पानी पीने योग्य हो जाता है। नदी, तालाब एवं कुएँ के पानी को कैसे पीने योग्य बनाया जाता है ?
(1) जल को एक बड़े टैंक में लेकर उसमें फिटकरी मिलाते हैं और कुछ घण्टों के लिए छोड़ देते हैं । अशुद्धियाँ नीचे बैठ जाती है फिर उसे छानकर उसमें क्लोरीन की टिकिया या क्लोरीन जल मिलाया जाता है जिससे हानिकारक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं।
(2) जल को शुद्ध करने के लिए जल में पोटेशियम परमैंगनेट की थोड़ी सी मात्रा मिला देना चाहिए ताकि जल में उपस्थित कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।
(3) घरों में नल से प्राप्त पानी
(अ) छानकर - जल को साफ कपड़े से छानकर उपयोग में लाना चाहिए।
(ब) उबालकर - वर्षा के दिनों में नल से प्राप्त जल कभी कभी मटमैला होता है। ऐसी स्थिति में यह पीने योग्य नहीं होता है। इसे उबाल कर ठण्डा कर, निधारकर व छानकर पीने के उपयोग में लाया जाता है।
(स) क्लोरीन जल अडवा क्लोरीन गोली - नल के जल में एक बाल्टी (10 लीटर पानी में एक-दो बूँद क्लोरीन जल या एक मटके पानी (25 लीटर) में एक गोली क्लोरीन की डालते हैं। जिससे जल पीने योग्य हो जाता है।
(द) वाटर शोधक यंत्र - नल के जल को कई घरों में वाटर प्यूरीफायर (जल शोधक) से शुद्ध किया जाता है। ये वाटर प्यूरीफायर नल के जल से अवांछित पदार्थों को अलग कर देते हैं। इन वाटर प्यूरीफायर में सिरेमिक का बना छिद्र युक्त कैंडिल होता है यह पानी में उपस्थित अशुद्धियों को अलग कर देता है। आजकल आधुनिक वाटर फिल्टर में रेजिन से अशुद्धियाँ दूर कर पराबैगनी किरणों से पानी में उपस्थित सूक्ष्मजीवों को नष्ट कर पीने योग्य बनाया जाता हैं।

जल का संगठन एवं भौतिक गुण

Organization and physical properties of water

जल एक यौगिक है यह दो तत्वों हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन से मिलकर बना होता है। जल का अणुसूत्र H2O है। पानी का विद्युत अपघटन करके उसके तत्वों को ज्ञात किया जा सकता है। शुद्ध पानी विद्युत का कुचालक होता है किन्तु कुछ मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाकर उसे सुचालक बनाया जा सकता है।

जल के भौतिक गुण

Physical properties of water

गुण

1. रंग एवं गंध
2. स्वाद
3. अवस्था
4. हिमांक एवं क्वथनांक
5. चालकता
6. विलेयता

विवरण

1. जल एक रंगहीन, गंधहीन पदार्थ है।
2. शुद्ध जल स्वादहीन होता है।
3. जल तीन अवस्थाओं ठोस, द्रव गैस में पाया जाता है।
4. जल का हिमांक 0°C तथा क्वथनांक 100°C होता है अर्थात् जल 0°C पर बर्फ में बदलता है तथा 100°C पर उबलता है।
5. शुद्ध जल विद्युत का कुचालक होता है।
6. जल में अधिकांश पदार्थ घुल जाते हैं इसलिए इसे सार्वत्रिक विलायक कहते हैं।

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